UP: DGP मुकुल गोयल ने 11 महीने पहले संभाला पद... फिर विवादों में घिरे, अब इन वजहों से हटाए गए
डीजीपी मुकुल गोयल अब सिविल डिफेंस के डीजी का पद संभालेंगे. महज 11 महीने बाद ही उन्हें पद से हटाया दिया गया है. हालांकि सरकार ने उन्हें पद से हटाने की वजह भी बताई है. दरअसल, मुकुल गोयल का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है.
उत्तर प्रदेश पुलिस की पिछले साल जून में कमान संभालने वाले डीजीपी मुकुल गोयल महज 11 महीने बाद ही हटा दिए गए. मुकुल गोयल को अब सिविल डिफेंस का डीजी बनाया गया है. यूपी सरकार ने मुकुल गोयल को डीजीपी के पद से हटाने के पीछे वजह भी बताई है. स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को शासकीय कार्यों की अवहेलना करने, विभागीय कार्य में रुचि नहीं ले रहे थे. सरकार ने साफ बताया कि डीजीपी रहते हुए मुकुल गोयल पुलिसिंग में ध्यान नहीं दे रहे थे. सरकारी कामों की नजरअंदाजी कर रहे थे.
इन विवादों के कारण सुर्खियों में रहे
मुकुल गोयल ने जब पिछले साल पद संभाला था, तभी से विवाद शुरू हो गया था. दरअसल, पश्चिम उत्तर प्रदेश के अखबारों में एक ज्वेलरी शोरूम के मालिक ने बड़े-बड़े इश्तेहार देकर मुकुल गोयल को डीजीपी बनने की बधाई दे डाली. मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली में तैनात रहे मुकुल गोयल के शुभचिंतकों के इस इश्तेहार ने विवाद की शुरुआत की. मुकुल गोयल का बतौर डीजीपी रहते दूसरा विवाद लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के साथ हुआ. 5 सितंबर 2021 को बतौर डीजीपी मुकुल गोयल पूरे लाव लश्कर के साथ हजरतगंज थाने पहुंच गए, थाने का निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान ही उन्होंने इंस्पेक्टर हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला को हटाने का आदेश दे दिया.
अचानक मीडिया के सामने डीजीपी के इस आदेश पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी हैरान थे, क्योंकि इंस्पेक्टर हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला कई दिनों से डेंगू से ग्रसित थे, गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज करवे रहे थे, मुकुल गोयल को इंस्पेक्टर के बीमार होने की बात बताई गई. मामला मुख्यमंत्री तक गया. इसके बाद मुख्यमंत्री को निर्देश देना पड़ा कि मुख्यमंत्री कार्यालय या किसी भी बड़े अफसर को किसी भी मातहत को हटाने या पोस्ट करने का आदेश नहीं देना है.
उत्तर प्रदेश पुलिस की पिछले साल जून में कमान संभालने वाले डीजीपी मुकुल गोयल महज 11 महीने बाद ही हटा दिए गए. मुकुल गोयल को अब सिविल डिफेंस का डीजी बनाया गया है. यूपी सरकार ने मुकुल गोयल को डीजीपी के पद से हटाने के पीछे वजह भी बताई है. स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को शासकीय कार्यों की अवहेलना करने, विभागीय कार्य में रुचि नहीं ले रहे थे. सरकार ने साफ बताया कि डीजीपी रहते हुए मुकुल गोयल पुलिसिंग में ध्यान नहीं दे रहे थे. सरकारी कामों की नजरअंदाजी कर रहे थे.
इन विवादों के कारण सुर्खियों में रहे
मुकुल गोयल ने जब पिछले साल पद संभाला था, तभी से विवाद शुरू हो गया था. दरअसल, पश्चिम उत्तर प्रदेश के अखबारों में एक ज्वेलरी शोरूम के मालिक ने बड़े-बड़े इश्तेहार देकर मुकुल गोयल को डीजीपी बनने की बधाई दे डाली. मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली में तैनात रहे मुकुल गोयल के शुभचिंतकों के इस इश्तेहार ने विवाद की शुरुआत की. मुकुल गोयल का बतौर डीजीपी रहते दूसरा विवाद लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के साथ हुआ. 5 सितंबर 2021 को बतौर डीजीपी मुकुल गोयल पूरे लाव लश्कर के साथ हजरतगंज थाने पहुंच गए, थाने का निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान ही उन्होंने इंस्पेक्टर हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला को हटाने का आदेश दे दिया. अ
चानक मीडिया के सामने डीजीपी के इस आदेश पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी हैरान थे, क्योंकि इंस्पेक्टर हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला कई दिनों से डेंगू से ग्रसित थे, गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज करवे रहे थे, मुकुल गोयल को इंस्पेक्टर के बीमार होने की बात बताई गई. मामला मुख्यमंत्री तक गया. इसके बाद मुख्यमंत्री को निर्देश देना पड़ा कि मुख्यमंत्री कार्यालय या किसी भी बड़े अफसर को किसी भी मातहत को हटाने या पोस्ट करने का आदेश नहीं देना है.
उत्तर प्रदेश पुलिस की पिछले साल जून में कमान संभालने वाले डीजीपी मुकुल गोयल महज 11 महीने बाद ही हटा दिए गए. मुकुल गोयल को अब सिविल डिफेंस का डीजी बनाया गया है. यूपी सरकार ने मुकुल गोयल को डीजीपी के पद से हटाने के पीछे वजह भी बताई है. स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को शासकीय कार्यों की अवहेलना करने, विभागीय कार्य में रुचि नहीं ले रहे थे. सरकार ने साफ बताया कि डीजीपी रहते हुए मुकुल गोयल पुलिसिंग में ध्यान नहीं दे रहे थे. सरकारी कामों की नजरअंदाजी कर रहे थे.
इन विवादों के कारण सुर्खियों में रहे

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